Wednesday, July 22, 2026

केन्द्रीय विद्यालय रायवाला पीएम श्री पुस्तक प्रदर्शनी


 पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय रावला में विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने और ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों से संबंधित अनेक उपयोगी और आकर्षक पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रदर्शनी में हिंदी, अंग्रेज़ी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, सामान्य ज्ञान, पर्यावरण, कला, संस्कृति तथा महान व्यक्तियों की जीवनियों से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध थीं। इसके अतिरिक्त प्रेरणादायक कहानियाँ, बाल साहित्य, चित्र पुस्तकों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों ने भी विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष तथा शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित पुस्तक-पठन से ज्ञान बढ़ता है, भाषा का विकास होता है, कल्पनाशक्ति मजबूत होती है तथा व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तकें पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया गया।





पुस्तक प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न पुस्तकों का अध्ययन किया और उनके विषयों के बारे में चर्चा की। अनेक विद्यार्थियों ने नई पुस्तकों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य में उन्हें पढ़ने की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर ने उनमें पुस्तकालय के प्रति भी नई रुचि उत्पन्न की।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा सभी विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्राचार्य महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ने की आदत अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों को अपना नियमित साथी बनाने का आग्रह किया।

पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन अत्यंत सफल रहा। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में ज्ञानार्जन, स्वाध्याय और पठन-पाठन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा उनमें आजीवन सीखने की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।

बच्चों को संविधान के मूल्यों के बारे में बताना

 

 

भारतीय संविधान भारत का सर्वोच्च कानून है। इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया। संविधान देश की शासन व्यवस्था, नागरिकों के अधिकारों और सरकार के कर्तव्यों को निर्धारित करता है। इसे बनाने का कार्य संविधान सभा ने किया, जिसके प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। इसी कारण उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार भी कहा जाता है।

भारतीय संविधान विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में से एक है। इसमें नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, शिक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। साथ ही, इसमें मौलिक कर्तव्यों का भी उल्लेख है, जो प्रत्येक नागरिक को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं। संविधान सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करता है।

भारतीय संविधान का मुख्य उद्देश्य देश में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की स्थापना करना है। यह भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करता है। समय-समय पर देश की आवश्यकताओं के अनुसार संविधान में संशोधन भी किए जाते हैं, जिससे यह बदलती परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी बना रहता है। भारतीय संविधान हमारे लोकतंत्र की मजबूत नींव है और प्रत्येक नागरिक के लिए मार्गदर्शक का कार्य करता है।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) को संविधान की आत्मा माना जाता है। इसमें भारत के मूल आदर्शों और उद्देश्यों का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावना में सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, अवसर की समानता तथा व्यक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया गया है। साथ ही, यह राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने की प्रेरणा भी देती है।

भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। भारत एक संघीय व्यवस्था वाला देश है, जहाँ केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कार्य करती हैं। संविधान में संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से विभिन्न विषयों का विभाजन किया गया है। इससे शासन व्यवस्था संतुलित रहती है और प्रशासन प्रभावी ढंग से संचालित होता है।

संविधान के अनुसार भारत में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है। इस प्रणाली में राष्ट्रपति राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद देश का वास्तविक प्रशासन चलाते हैं। संसद, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं, कानून बनाने का कार्य करती है। यह व्यवस्था जनता को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन में भाग लेने का अवसर प्रदान करती है।

केन्द्रीय विद्यालय रायवाला पीएम श्री पुस्तक प्रदर्शनी

  पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय रावला में विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने और ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से पुस्...